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राजस्व (रसीद) टिकट के प्रगोग : लेन-देन/भुगतान Uses of Revenue (Receipt) ticket : Transaction / Payment thumbnail
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राजस्व (रसीद) टिकट के प्रगोग : लेन-देन/भुगतान Uses of Revenue (Receipt) ticket : Transaction / Payment

◆ रेवेन्यू टिकट का उपयोग :– विद्यालय में भुगतान में प्रयोग ~ (i) मजदूर को कार्य के बदले में नगद भुगतान। (ii) विद्यालय की सामग्री के परिवहन (भाड़े) का भुगतान। (iii) विद्यालय हेतु झाड़ू/ फुटकर सामग्री क्रय का भुगतान।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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पाठ 6 'भक्ति के पद' कक्षा 8 हिन्दी पदों का भावार्थ एवं अभ्यास (प्रश्नोत्तर एवं व्याकरण) | path 6 Bhakti ke Pad thumbnail
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पाठ 6 'भक्ति के पद' कक्षा 8 हिन्दी पदों का भावार्थ एवं अभ्यास (प्रश्नोत्तर एवं व्याकरण) | path 6 Bhakti ke Pad

कक्षा 8 हिन्दी के पाठ 6 'भक्ति के पद' पदों का भावार्थ एवं अभ्यास (प्रश्नोत्तर एवं व्याकरण) का विश्लेषण प्रस्तुत है।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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पाठ 9 रम्मो और कल्लो - पाठ का सारांश एवं सम्पूर्ण पाठ || अभ्यास- बोध प्रश्न || Path 9 Rammo aur Kallo thumbnail
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पाठ 9 रम्मो और कल्लो - पाठ का सारांश एवं सम्पूर्ण पाठ || अभ्यास- बोध प्रश्न || Path 9 Rammo aur Kallo

कक्षा 5 भाषा भारती के पाठ 9 'रम्मो और कल्लो' पाठ का सारांश एवं सम्पूर्ण पाठ तथा अभ्यास- बोध प्रश्न को पढ़ें।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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शब्दों के प्रकार : रचना या बनावट के आधार पर - रूढ़, योगरूढ़, यौगिक शब्द (हिन्दी व्याकरण) thumbnail
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शब्दों के प्रकार : रचना या बनावट के आधार पर - रूढ़, योगरूढ़, यौगिक शब्द (हिन्दी व्याकरण)

रचना अर्थात बनावट के आधार पर शब्दों के तीन भेद हैं–

Published: January 04, 2026 09:01PM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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रस के अंग – स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी भाव | Ras- Sthai bhav, Vibhav, Anubhav and Sanchari bhav thumbnail
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रस के अंग – स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी भाव | Ras- Sthai bhav, Vibhav, Anubhav and Sanchari bhav

जब किसी काव्य की पंक्तियों को पढ़कर मन में जो भाव जाग्रत होते हैं जिससे एक प्रकार की अनुभूति होती है तो ये मन के भाव ही रस कहलाते हैं।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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हिंदी गद्य साहित्य की प्रमुख विधाएँ ― निबंध, नाटक, एकांकी, उपन्यास, कहानी | hindi sahitya ki gadya vidhaye ― Essay, Drama, Ekanki, Novel, Story thumbnail
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हिंदी गद्य साहित्य की प्रमुख विधाएँ ― निबंध, नाटक, एकांकी, उपन्यास, कहानी | hindi sahitya ki gadya vidhaye ― Essay, Drama, Ekanki, Novel, Story

हिन्दी गद्य की प्रमुख विधाएँ निम्नलिखित हैं― निबंध, नाटक, एकांकी, उपन्यास, कहानी। इस विधा के प्रमुख रचनाकार एवं उनकी रचनाएँ भी वर्णित की गई हैं।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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पाठ 3 'पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर' पाठ का सारांश || कक्षा 5 हिन्दी (भाषा भारती) प्रश्नोत्तर | Hindi class 5th thumbnail
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पाठ 3 'पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर' पाठ का सारांश || कक्षा 5 हिन्दी (भाषा भारती) प्रश्नोत्तर | Hindi class 5th

पाठ 3 'पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर' कक्षा 5 हिन्दी (भाषा भारती) के शब्दार्थ एवं प्रश्नोत्तर का अध्ययन यहाँ करेंगे।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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