पृथ्वी की संरचना (Earth Structure)
पृथ्वी का आकार एक 'नारंगी' के समान है, जो ध्रुवों पर चपटी है। कई करोड़ वर्ष पूर्व पृथ्वी जलता हुआ आग का गोला थी।
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पृथ्वी का आकार एक 'नारंगी' के समान है, जो ध्रुवों पर चपटी है। कई करोड़ वर्ष पूर्व पृथ्वी जलता हुआ आग का गोला थी।
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Skill Based Questions (कौशल आधारित प्रश्न)
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कक्षा पाँचवी के (प्रतिभा पर्व मूल्यांकन) हिंदी प्रश्न पत्र में प्रश्न क्रमांक 3:- पाठ 'पन्ना का त्याग' कविता में निम्नलिखित है घटना जिन पंक्तियों में हो रही है, उन पंक्तियों को लिखें। इस प्रश्न के प्रश्न क्र. (स) चंदन को महल से निकला। ये लिखा हुआ है। यह प्रिंटिंग त्रुटि हो सकती है....
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प्रश्न 1 :- पाठ 'दशहरा' में दिए गए अलग-अलग शहरों में दशहरा मनाया जाता है, शहरों में मनाए जाने वाले दशहरे में क्या अंतर है, लिखिए। आपके गाँव शहर में दशहरा कैसे मनाया जाता है? प्रश्न 2:- (अ) 'ईदगाह' में बच्चों द्वारा खरीदे गए खिलौनों का घर पहुँचने के बाद क्या हुआ और क्यों? अपने शब्दों में लिखिए। आपको कौन-कौन से खिलौने पसंद हैं और क्यों? लिखिए।
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18 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चे चाहे वह लड़का हो या लड़की जिनके साथ किसी भी तरह का लैंगिक शोषण हुआ हो या करने का प्रयास किया गया हो, ऐसे अपराध POCSO Act 2012 कानून के दायरे में आते हैं।
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■■ शिक्षक क्या-क्या करना चाहिए? (What should the teacher do?) ★ वर्कशीट के बारे में बच्चों के माता-पिता (अभिभावकों) को सूचित करें और उन्हें बताएँ कि उनको बच्चों के द्वारा अभ्यास के दौरान उन्हें आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए मदद करें। ★ When the teacher is going to contact the child, check the worksheets solved by the children and provide them with proper feedback. ★ वर्कशीट को जाँचते समय अगर शिक्षकों को बच्चे के द्वारा कोई त्रुटि मिलती है तो उसे सुधार कर बच्चे को सही जानकारी से अवगत करायें। Read more
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कक्षा- पहली एवं दूसरी की अभ्यास पुस्तिका (वर्कबुक) में दी गई प्रत्येक वर्कशीट के नीचे वाले भाग में तीन क्यू आर कोड दिए गए हैं। ये क्यू आर कोड संबंधित वर्कशीट में दी गई सामग्री पर विद्यार्थी के द्वारा किस तरह से कार्य किया जाना चाहिए के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी है।
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◆ पर्यावरण शिक्षा अपने आसपास के परिवेश की शिक्षा है। पर्यावरण शब्द दो शब्दों से बना है- 'परि+आवरण' अर्थात हमारे चारों ओर का आवरण (वातावरण)। मानव का जीवन अपने आसपास के पर्यावरण पर निर्भर है। आज के युग में पर्यावरणीय हास के परिणाम स्वरूप जीवन के आधार- 'प्राकृतिक स्त्रोत' संकट में हैं। Thus the existence of both organism and product on the earth is in crisis. Environmental education is one of the ways in which humans can maintain continuity of opportunities to live life on Earth. It is necessary to make students aware of the concern and concern about the environment.)
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