विकास के स्वरूप (बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र)
Nature of development- Child Development and Pedagogy
(1) आकार में परिवर्तन (Change in the Size):–
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प्रतिभापर्व मूल्यांकन, कक्षा-चौथी विषय- पर्यावरण, हल करने हेतु महत्वपूर्ण संकेत Pratibha Parva assessment, Class-IV subject - Environment, Important hints to solve.
............कौशल आधारित लिखित प्रश्न ........................खंड 'अ'
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उद्योतन सामग्री क्या होती है? सामग्री के प्रमुख उदाहरण
What is Uddyotan Samagri (Stimulating Material) content? Major examples of content material
■■ उद्योतन का अर्थ (Meaning of Udyotan) :-
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प्रतिभापर्व कक्षा-4 अंग्रेजी प्रश्नपत्र हल करने हेतु संकेत
(Hints for solving Pratibhaparva Class-4 English question paper)
(A) Skill Based Written Questions
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बालविकास के अध्ययन में ध्यान रखे जाने वाली मुख्य बातें।
The main things to be kept in mind in the study of child development
(1) बालक के जन्म से पूर्व एवं जन्म के बाद से परिपक्व होने तक बालक में होने वाले परिवर्तनों की प्रकृति क्या है?
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प्रतिभा पर्व मूल्यांकन, कक्षा-चौथी विषय- हिंदी – हल करने हेतु महत्वपूर्ण संकेत
कौशल आधारित लिखित प्रश्न
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'विद्यालय दिवस' के रुप में मनाया जाना चाहिए 'बसंत पंचमी' पर्व को - डॉ. दामोदर जैन
शिक्षक का कार्य केवल पढ़ाना नहीं, ज्ञान के सृजन में सहयोग करना भी होता है ।अपने विषय में दक्ष, तत्व चिंतक, कार्य को संतुष्टि के साथ करने वाला, पक्षपात रहित, अल्प आरंंभी और अल्प परिग्रही, बच्चों को वास्तव में समझने वाला, वात्सल्य गुण का धारक, अपने शिष्यों के प्रति सकारात्मकता रखने वाला, धैर्य पूर्वक सुनने की क्षमता वाला, दर्पण के समान स्वच्छ और विद्यार्थियों के प्रति निष्पक्ष भाव वाला, दोष मार्जक, गंभीर, स्वस्थ, प्रतिफल की इच्छा से रहित, सदैव विद्यार्थी की उन्नति की भावना वाला, निःस्वार्थ और अध्यनशील शिक्षक ही सफल शिक्षण कर सकते हैं। ऐसे शिक्षक की अच्छे विद्यालयों की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। 'बसंत पंचमी' के दिन विद्या की देवी 'सरस्वती' का पूजन किया जाता है। यह भारतीय संस्कृति में 'विद्यारंभ दिवस' भी है। 'बसंत पंचमी' सरस्वती का 'प्रकटोत्सव दिवस' है। माँ सरस्वती परमचेतना हैं, जो हमारी बुद्धि, प्रज्ञा और मनोवृत्तियों की संरक्षिका है। ज्ञान और कौशल की देवी माँ सरस्वती के 'जन्मदिवस' को 'विद्यालय दिवस' के रूप में देना अंततः भारतीय संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।
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