Childhood - Child Development and Pedagogy | बाल्यावस्था- बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
Childhood begins after infancy. वास्तव में मानव जीवन का वह स्वर्णिम समय है जिसमें उसका सर्वागीण विकास होता है।
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Childhood begins after infancy. वास्तव में मानव जीवन का वह स्वर्णिम समय है जिसमें उसका सर्वागीण विकास होता है।
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गर्भावस्था काल लगभग 9 माह या 280 दिन का होता है। यह अवस्था बालक के गर्भधारण से उसके जन्म तक अवधि मानी जाती है।
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विकास या मानव विकास की विभिन्न अवस्थाओं का वर्गीकरण- परम्परागत एवं आधुनिक विचारधारा के आधार पर किया गया है।
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वृद्धि, विवृद्धि या अभिवृद्धि तीनों समानार्थक शब्द है। जिसका अर्थ शारीरिक शिराओं, अवयवों एवं विभिन्न संस्थानों में बढ़ाव को प्राप्त करने से होता है एवं उनके आकार और परिमाण में परिवर्तन होने से है। शरीर में बढ़ाव होने से शरीर के आंतरिक एवं बाह्य अंगों के विकास से है। Growth, growth or growth are all three synonyms. Which means attaining physical veins, components and elongation in different institutions and changes in their size and magnitude. The increase in the body is due to the development of internal and external organs of the body.
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(1) आकार में परिवर्तन (Change in the Size):–
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■■ उद्योतन का अर्थ (Meaning of Udyotan) :-
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(1) बालक के जन्म से पूर्व एवं जन्म के बाद से परिपक्व होने तक बालक में होने वाले परिवर्तनों की प्रकृति क्या है?
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(अ) बाल पोषण का ज्ञान:- (Knowledge of child nutrition) : -
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Meaning of Socialization ~ Teacher Selection Exam Useful Information
समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा मानव को सामाजिक- सांस्कृतिक संसार से न सिर्फ परिचित कराया जाता है बल्कि एक पीढी से दूसरी पीढी तक हस्तांतरित भी किया जाता है।प्रमुख समाज-शास्त्रियों के अनुसार इसकी अवधारणा का प्रयोग दो अर्थों मे किया जाता है- एक अर्थ में बच्चों द्वारा की जाने वाली- 'सामाजिक अनुकूलन की प्रक्रिया' से है तथा दूसरे अर्थ में 'संस्कृति की सीख' को महत्वपूर्ण माना है। ◆ समाजीकरण की विशेषताएँ- (Characteristics of socialization) (1) समाजीकरण सीखने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। Socialization is an important learning process. (2) यह जन्म से मृत्यु तक चलने वाली एक निरंतर प्रक्रिया है। It is a continuous process lasting from birth to death. (3) इससे समाजिक परिवेश से अनुकूलन तथा व्यकितत्व को विकसित करने की क्षमता प्रदान की जाती है।
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शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान के सिद्धांतों का शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग है। शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों से मिलकर बना है- 'शिक्षा' और 'मनोविज्ञान' । अतः इसका शाब्दिक अर्थ है-'शिक्षा संबंधी मनोविज्ञान'।So in other words we can say that it is the practical and main form of psychology and it is a science to study human behaviour in the process of education.
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