हिन्दी में विराम चिन्हों का प्रयोग इसके महत्व एवं प्रकार | punctuation mark and it's uses
विराम का मूल अर्थ - रुकना, ठहराव, आराम की स्थिति है। हिन्दी में विराम चिन्हों का प्रयोग इसके महत्व एवं प्रकार को जानेंगे।
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विराम का मूल अर्थ - रुकना, ठहराव, आराम की स्थिति है। हिन्दी में विराम चिन्हों का प्रयोग इसके महत्व एवं प्रकार को जानेंगे।
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काव्यशास्त्र के नियमानुसार जिस काव्य में मात्रा, वर्ण संख्या, गण, यति, गति, लय तथा तुक आदि नियमों का विचार करके शब्द योजना की जाती है, उसे 'छंद' कहते हैं।
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रस के प्रकार 10 हैं। कार्य या साहित्य को पढ़ने, सुनने या देखने से पाठक, श्रोता या दर्शक को जिस आनंद की अनुभूति होती है, उसे 'रस' कहते हैं।
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हिन्दी साहित्य के कुछ लेखकों यथा - आचार्य रामचंद्र शुक्ल, उषा प्रियंवदा, उदय शंकर भट्ट, डॉ. रघुवीर सिंह, शरद जोशी, रामनारायण उपाध्याय का परिचय यहाँ दिया गया है।
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दर्द का अहसास कैसे और क्यों होता है? हमारी त्वचा के ठीक नीचे फैले हुये तंत्रिकाओं के जाल की वजह से दर्द का अहसास होता है।
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हिन्दी साहित्य के कवि परिचय में - सूरदास, तुलसीदास, केशवदास, मीराबाई, कबीर दास, मैथिलीशरण गुप्त, जयशंकर प्रसाद का परिचय यहाँ दिया गया है।
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नाखून क्यों बढ़ते हैं? नाखूनों के बढ़ने के लिए नई कोशिकाओं का पैदा होना बहुत जरूरी है। नाखूनों का U-shape cuticle से बढ़ना प्रारंभ होता है।
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काव्य के प्रकारों में मुख्य दो प्रकार हैं- 1. श्रव्य काव्य 2. दृश्य काव्य। श्रव्य काव्य के दो प्रकार हैं- 1. प्रबंध काव्य, 2. मुक्तक काव्य।
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सिवनी जिले की बरघाट तहसील के ग्राम आष्टा में 13 वीं सदी में निर्मित प्राचीन मंदिर जिनमें महाकाली का मंदिर पूरे देश व प्रदेश में विख्यात है।
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यहाँ संस्कृत (सुरभिः) कक्षा- 6 के तृतीयः पाठः सर्वनामशब्दाः (पुल्लिंङ्गम्) (भाग-1 ) का वर्णन है।
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