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काव्य के भेद- श्रव्य काव्य, दृश्य काव्य, प्रबंध काव्य, मुक्तक काव्य, पाठ्य मुक्तक, गेय मुक्तक, नाटक, एकांकी || kavy ke prakar thumbnail
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काव्य के भेद- श्रव्य काव्य, दृश्य काव्य, प्रबंध काव्य, मुक्तक काव्य, पाठ्य मुक्तक, गेय मुक्तक, नाटक, एकांकी || kavy ke prakar

काव्य, दृश्य काव्य, प्रबंध काव्य, मुक्तक काव्य, पाठ्य मुक्तक, गेय मुक्तक, नाटक, एकांकी आदि काव्य के प्रकार हैं।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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रस के अंग – स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी भाव | Ras- Sthai bhav, Vibhav, Anubhav and Sanchari bhav thumbnail
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रस के अंग – स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी भाव | Ras- Sthai bhav, Vibhav, Anubhav and Sanchari bhav

जब किसी काव्य की पंक्तियों को पढ़कर मन में जो भाव जाग्रत होते हैं जिससे एक प्रकार की अनुभूति होती है तो ये मन के भाव ही रस कहलाते हैं।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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राष्ट्रभाषा जहाँ अन्य भाषा-भाषी राज्यों के बीच सेतु का काम करती है वहीं राजभाषा, राज्य के प्रशासनिक काम-काज को भाषा है। thumbnail
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राष्ट्रभाषा जहाँ अन्य भाषा-भाषी राज्यों के बीच सेतु का काम करती है वहीं राजभाषा, राज्य के प्रशासनिक काम-काज को भाषा है।

राष्ट्रभाषा जहाँ अन्य भाषा-भाषी राज्यों के बीच सेतु का काम करती है वहीं राजभाषा, राज्य के प्रशासनिक काम-काज को भाषा है।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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पुनरुक्त शब्दों को चार श्रेणियाँ || Punrukt shabd ki 4 prakar thumbnail
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पुनरुक्त शब्दों को चार श्रेणियाँ || Punrukt shabd ki 4 prakar

पुनरुक्त शब्दों को चार श्रेणियों में रखा जा सकता है– 1. पूर्ण पुनरुक्त शब्द 2. अपूर्ण पुनरुक्त 3. प्रति ध्वन्यात्मक पुनरुक्त शब्द 4. भिन्नात्मक पुनरुक्त शब्द।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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हिन्दी कहानी का विकास || Hindi Kahani ka Vikas thumbnail
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हिन्दी कहानी का विकास || Hindi Kahani ka Vikas

कहानी की विकास यात्रा को चार वर्गों में बाँट सकते हैं– 1. प्रेमचंद पूर्व की कहानी 2. प्रेमचंद काल की कहानी 3. प्रेमचंदोत्तर कहानी 4. नई कहानी।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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हिन्दी उपन्यास का विकास || Development Of Hindi Novels thumbnail
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हिन्दी उपन्यास का विकास || Development Of Hindi Novels

उपन्यास शब्द का अर्थ है सामने रखना। उपन्यास मानव जीवन का समग्र चित्रण है। इसमें कई प्रासंगिक कथाओं तथा घटनाओं का वर्णन रहता है।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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हिन्दी एकांकी के विकास का इतिहास || Hindi Ekanki Ke vikas ka Itihas thumbnail
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हिन्दी एकांकी के विकास का इतिहास || Hindi Ekanki Ke vikas ka Itihas

एकांकी एक अंक का दृश्य-काव्य है जिसमें एक कथा तथा एक उद्देश्य को कुछ पात्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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हिन्दी नाटक का विकास ||  Development of Hind Play thumbnail
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हिन्दी नाटक का विकास || Development of Hind Play

नाटक एक ऐसी अभिनय परक विधा है जिसमें सम्पूर्ण मानव जीवन का रोचक एवं कुतूहल पूर्ण वर्णन होता है। यह एक दृश्य काव्य है।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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पुनरुक्त शब्द एवं इसके प्रकार | पुनरुक्त और द्विरुक्ति शब्दों में अन्तर | Punrukt shabd ke prakar thumbnail
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पुनरुक्त शब्द एवं इसके प्रकार | पुनरुक्त और द्विरुक्ति शब्दों में अन्तर | Punrukt shabd ke prakar

किसी शब्द की एकसाथ दो बार आवृत्ति होती है तो ऐसे शब्द को पुनरुक्त शब्द कहते हैं।उदाहरण– धीरे-धीरे।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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