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पुनरुक्त शब्दों को चार श्रेणियाँ || Punrukt shabd ki 4 prakar


पुनरुक्त शब्दों को चार श्रेणियाँ || Punrukt shabd ki 4 prakar

उप शीर्षक:
पुनरुक्त शब्दों को चार श्रेणियों में रखा जा सकता है– 1. पूर्ण पुनरुक्त शब्द 2. अपूर्ण पुनरुक्त 3. प्रति ध्वन्यात्मक पुनरुक्त शब्द 4. भिन्नात्मक पुनरुक्त शब्द।

पुनरुक्त शब्दों को चार श्रेणियों में रखा जा सकता है–
1. पूर्ण पुनरुक्त शब्द– जहाँ किसी शब्द (पद) की एक से अधिक बार आवृत्ति हो वहाँ 'पूर्ण पुनरुक्त शब्द' होते हैं।
उदाहरण– फक्क-फक्क, झेलते-झेलते।

2. अपूर्ण पुनरुक्त शब्द – जहाँ शब्द युग्म में दूसरी इकाई पहली इकाई से बना कोई रूप धारण कर आती है तब वे अपूर्ण पुनरुक्त शब्द कहलाते हैं।
उदाहरण– आधा-अधूरा, बड़े-बूढ़े।

3. प्रति ध्वन्यात्मक पुनरुक्त शब्द– जहाँ दूसरा शब्द पहले की प्रतिध्वनि होता है वहाँ प्रति ध्वन्यात्मक पुनरुक्त शब्द होते हैं।
उदाहरण – दिप-दिपा, खाना-वाना।

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4. भिन्नात्मक पुनरुक्त शब्द– इस प्रकार के शब्द युग्म में प्रत्येक शब्द भिन्न अर्थ रखने वाला होता है।
उदाहरण - गाय-बछेरु।

नीचे उदाहरण देखें–
गाय-बछेरु, वे शरद की संध्याएँ जिनमें गौरज उड़ाती गलियाँ आत्मीय ऊष्मा से भर उठती थी।
हलदिया पीलापन ऊर्ध्वमुखी होकर अंधेरे में दिप-दिपा रहा था।

इसके अलावा निम्न उदाहरण भी देखें–
(i) दीपक फक्क-फक्क करके बुझ गया।
(ii) सगुन-साध, तीज-त्यौहार, बड़े-बूढ़े,आदि। शब्द
उपर्युक्त रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। पुनरुक्त शब्दों में एक ही शब्द के अतिरिक्त अपूर्ण, प्रति ध्वन्यात्मक और विलोम शब्द भी आ सकते हैं। इस आधार पर उक्तानुसार 4 श्रेणियों में बाँटा जा सकता है।

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टीप– शब्द युग्म में दो शब्दों के बीच योजक चिन्ह (-) का प्रयोग होता है।
उदाहरण– कुछ-कुछ, फँसती-उलझती आदि।
नीचे दिए गए वीडियो को देखें, जिसमें पुनरुक्त शब्दों के साथ-साथ द्विरुक्ति शब्दों के बारे में जानकारी दी गई है।

आशा है, उपरोक्त जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी।
धन्यवाद।
R F Temre
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