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वर दे! कविता- अभ्यास व व्याकरण | var de kavita Exercise and grammar thumbnail
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वर दे! कविता- अभ्यास व व्याकरण | var de kavita Exercise and grammar

इस लेख में कक्षा 8 हिंदी के पाठ 1 'वर दे !' कविता के अभ्यास के अंतर्गत समस्त प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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पाठ 5 'व्याकरण परिवार' कक्षा 6 हिन्दी प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ व प्रसंग सहित व्याख्या, प्रश्नोत्तर व व्याकरण thumbnail
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पाठ 5 'व्याकरण परिवार' कक्षा 6 हिन्दी प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ व प्रसंग सहित व्याख्या, प्रश्नोत्तर व व्याकरण

इस लेख में पाठ 5 'व्याकरण परिवार' कक्षा 6 हिन्दी प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ व प्रसंग सहित व्याख्या, प्रश्नोत्तर व व्याकरण की जानकारी दी गई है।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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प्राचीन विश्वविद्यालय– तक्षशिला, नालंदा, वल्लभी, विक्रमशिला | Ancient Universities– Takshashila, Nalanda, Vallabhi, Vikramshila thumbnail
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प्राचीन विश्वविद्यालय– तक्षशिला, नालंदा, वल्लभी, विक्रमशिला | Ancient Universities– Takshashila, Nalanda, Vallabhi, Vikramshila

प्राचीन विश्वविद्यालय– तक्षशिला, नालंदा, वल्लभी, विक्रमशिला थे। यहाँ पर निम्नलिखित विद्वानों ने शिक्षा प्राप्त की थी–1. आचार्य चाणक्य 2. प्रसेनजित 3. जीवक और 4. वसुबंधु।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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जनशिक्षा केन्द्र स्तरीय ओलम्पियाड प्रतियोगिता 2025-26 (प्राथमिक स्तर) कक्षा 4 वह 5 - प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी thumbnail
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जनशिक्षा केन्द्र स्तरीय ओलम्पियाड प्रतियोगिता 2025-26 (प्राथमिक स्तर) कक्षा 4 वह 5 - प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी

कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थियों के लिए संपूर्ण हल सहित जनशिक्षा केन्द्र स्तरीय प्रश्न पत्र 2025-26

Published: November 26, 2025 08:11PM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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कन्नौज का गहड़वाल वंश - गोविन्दचन्द्र, जयचन्द | Gahadwal Dynasty Of Kannauj - Govind Chandra, Jaychand thumbnail
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कन्नौज का गहड़वाल वंश - गोविन्दचन्द्र, जयचन्द | Gahadwal Dynasty Of Kannauj - Govind Chandra, Jaychand

चंद्रदेव ने 'महाराजाधिराज' नामक उपाधि धारण की थी। गहड़वाल वंश के प्रमुख शासक निम्नलिखित थे– 1. गोविन्दचन्द्र 2. जयचन्द।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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कक्षा-3 अर्द्धवार्षिक परीक्षा सत्र 2024-25 उत्तर शीट विषय पर्यावरण अध्ययन (हिन्दी माध्यम) | Answer Sheet Environmental Studies class- 3rd thumbnail
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कक्षा-3 अर्द्धवार्षिक परीक्षा सत्र 2024-25 उत्तर शीट विषय पर्यावरण अध्ययन (हिन्दी माध्यम) | Answer Sheet Environmental Studies class- 3rd

इस लेख में कक्षा-3 अर्द्धवार्षिक परीक्षा सत्र 2024-25 उत्तर शीट विषय पर्यावरण अध्ययन (हिन्दी माध्यम) की जानकारी दी गई है।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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विषय - संस्कृत कक्षा 8 वार्षिक परीक्षा 2025 ब्लूप्रिंट आधारित अभ्यास प्रश्न पत्र | Sanskrit Solved Model Queston Paper     thumbnail
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विषय - संस्कृत कक्षा 8 वार्षिक परीक्षा 2025 ब्लूप्रिंट आधारित अभ्यास प्रश्न पत्र | Sanskrit Solved Model Queston Paper

इस भाग में विषय - संस्कृत कक्षा 8 वार्षिक परीक्षा 2025 हेतु ब्लूप्रिंट आधारित अभ्यास प्रश्न पत्र हल सहित दिया गया है।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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भारत का भूगोल ~ प्रायद्वीपीय पठार (Geography of india ~ Peninsular Plateau) thumbnail
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भारत का भूगोल ~ प्रायद्वीपीय पठार (Geography of india ~ Peninsular Plateau)

भारतीय प्रायद्वीपीय पठार की आकृति 'अनियमित त्रिभुजाकार' है। इस पठार का विस्तार उत्तर-पश्चिम में अरावली पर्वत श्रेणी तथा दिल्ली, पूर्व में राजमहल की पहाड़ियों, पश्चिम की ओर गिर पहाड़ियों, दक्षिण दिशा में इलायची (कार्डमम) पहाड़ियों तथा पूर्वोत्तर में शिलांग तथा कार्बी-ऐंगलोंग के पठार तक है। इस पठार की ऊंचाई 6,00 से 9,00 मीटर है। यह प्रायद्वीपीय पठार 'गोंडवाना लैंड' के टूटकर उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित होने के कारण बना था। यह प्राचीनतम भूभाग 'पैंजिया' का ही एक हिस्सा है। यह पुराने क्रिस्टलीय, आग्नेय एवं रूपांतरित शैलों से बना हुआ है। प्रायद्वीपीय पठार की ऊंचाई पश्चिम से पूर्व की ओर कम होती जाती है। इस वजह से प्रायद्वीपीय पठार की अधिकांश नदियों का प्रवाह पूर्व की ओर ही है। प्रायद्वीपीय पठार का ढाल उत्तर से पूर्व दिशा की ओर है। यह सोन, चंबल और दामोदर नदियों के प्रवाह से स्पष्ट हो जाता है। दक्षिणी भाग में पठार का ढाल पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर है, जोकि कृष्णा, महानदी, गोदावरी और कावेरी नदियों के प्रवाह से स्पष्ट हो जाता है। प्रायद्वीपीय नदियों में 2 नदियों के अपवाह हैं। ये नदियाँ हैं- नर्मदा एवं ताप्ती। इनके बहने की दिशा पूर्व से पश्चिम की ओर है। तथा ये अंत में अरब सागर में गिरती हैं। ऐसा 'भ्रंश घाटी' से होकर बहने के कारण है। प्रायद्वीपीय पठार अनेक पठारों से मिलकर बना हुआ है, अतः इसे 'पठारों का पठार' भी कहते हैं। इसे हम चार भागों में वर्गीकृत कर सकते हैं :

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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अंग्रेजी एवं संस्कृत प्रोजेक्ट वर्क कक्षा - 8 वीं वार्षिक परीक्षा || Project Work 8th Subject - Sanskrit, English thumbnail
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अंग्रेजी एवं संस्कृत प्रोजेक्ट वर्क कक्षा - 8 वीं वार्षिक परीक्षा || Project Work 8th Subject - Sanskrit, English

Class 8th वार्षिक परीक्षा के लिए अंग्रेजी एवं संस्कृत के प्रोजेक्ट वर्क का हल उदाहरणस्वरूप देखें।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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गद्य साहित्य की गौण (लघु) विधाएँ― जीवनी, आत्मकथा, आलोचना, संस्मरण, रेखाचित्र, रिपोर्ताज, यात्रा-साहित्य || secondary genres of prose literature thumbnail
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गद्य साहित्य की गौण (लघु) विधाएँ― जीवनी, आत्मकथा, आलोचना, संस्मरण, रेखाचित्र, रिपोर्ताज, यात्रा-साहित्य || secondary genres of prose literature

गद्य साहित्य की गौण विधाओं में जीवनी, आत्मकथा, आलोचना, संस्मरण, रेखाचित्र, रिपोर्ताज, यात्रा-साहित्य, पत्र-साहित्य, साक्षात्कार-साहित्य, गद्य काव्य, डायरी, लघु कथा आदि सम्मिलित हैं।

Published: January 01, 1970 05:01AM | Updated: अभी तक अद्यतन नहीं किया गया है।
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